Wednesday, February 20, 2013

कलम नहीं तलवार है यह, आपके सुनहरे भविष्य का हथियार है यह


हम सब एक बात तो अवश्य जानते हैं कि यह भ्रष्ट नेता, अधिकारी या सरकारी कर्मचारी जब कैमरे के सामने कुछ कहते हैं तो यह आभास होता है कि इनसे सीधा, सरल व मृदु स्वभाव का कोई व्यक्ति हो ही नहीं सकता सच्चाई व ईमानदारी तो इनके खून में रची बसी है, मगर हम यह भी जानते हैं कि कैमरे के पीछे इनकी असलियत क्या है ये किस तरीके से अपने क्षेत्र में गुंडागर्दी, दादागिरी व अनैतिकता का वातावरण फैलाये हुये हैं| इनकी असलियत दुनिया के सामने लाने की जिम्मेदारी हमारे देश के चौथे स्तंभ - सूचना तंत्र (मीडिया) की है मगर आज यह पूरा मीडिया सिर्फ और सिर्फ बड़ी-बड़ी उन मल्टीनेशनल कंपनियों के अधीन होकर रह गया है, जहाँ सिर्फ व्यापार की दुनिया चलती है, जहाँ सिर्फ और सिर्फ कमाई ही उनका मुख्य कार्य होता है| अतः एक पत्रकार अगर किसी सच्चाई को सामने लाने की कोशिश ्भी करे तो उससे इन मल्टीनेशनल कंपनियों को किसी भी प्रकार के आर्थिक लाभ की बड़ी-बड़ी थैलियाँ प्राप्त नहीं होती हैं, जो उन्हें दिन दूनी रात चौगुनी आर्थिक तरक्की की ओर ले जाती है|

80% व्यक्ति ईमानदार हैं मगर उन 5% भ्रष्ट बेईमानों की वजह से बेईमानी करने को मजबूर हैं यह 80% इस दलदल से बाहर आना चाहते हैं मगर इन्हें जरूरत है एक सहारे की जो मीडिया के रूप में इन्हें उपलब्ध हो सकता है| अतः अगर हम सब इनका साथ दें तो इस देश को भ्रष्टाचार से बहुत ही आसानी से मुक्त कर सकते हैं|

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