Monday, February 25, 2013

क्या हम गैर-कानूनी कार्यों में महापुरूषों के नाम का इस्तेमाल करके उनकी इज्जत बढ़ा रहे हैं?







सेवा में,
प्रबंधक महोदय
मदर टेरेसा सीनियर सेकेन्डरी को-ऐड स्कूल,
भोपाल

विषयःविलंब शुल्क की वजह से लिये गये जुर्माने से संबंधित

महोदय/महोदया,
कुछ समय पहले हमारे देश में शिक्षा से संबंधित एक कानून लागू हुआ था कि हर बच्चे को शिक्षा अनिवार्य हो इसका मतलब था कि देश के किसी भी बच्चे को किसी भी वजह से (रुपए, गरीबी या समय) की वजह से शिक्षा से वंचित न रहना पड़ेगा, मगर हमारे देश के कई ऐसे पूँजीपति और बाहुबली हैं, जिनको हमारे देश के कानून का न तो कोई खौफ है न ही वे उसकी इज्जत करते हैं बल्कि वे इसे अपने पांव की ठोकर पर रखते हैं| जब चाहें जैसे चाहें इस कानून को अपने मुताबिक तोड़-मरोड़कर इस्तेमाल करते हैं बल्कि नीचता तो इस बात की महसूस होती है कि यह लोग उस मदर टेरेसा के नाम का इस्तेमाल अपने इस घृणित कार्य में करने से नहीं हिचकते, जिसने अपने जीवन को मानव कल्याण के लिये समर्पित कर दिया था| हर व्यक्ति को हक है कि वह अपने बच्चे को अपनी क्षमतानुसार शिक्षा प्रदान करे| मगर जीवन में ऐसे उतार-चढ़ाव आते हैं, जहाँ इन्सान की आर्थिक क्षमता बदल जाती हैं और समय व परिस्थितियाँ कुछ समय के लिये उस व्यक्ति को अपनी भूतकाल की क्षमता से निम्न स्तर की ओर ले जाती है, जिसकी वजह से उसे अपने जीवनोपयोगी खर्चे में कमी करनी पड़ जाती है| यह कमी वह अपने रहन-सहन, खान-पान में तो कर सकता है मगर अपने बच्चों की शिक्षा संबंधी व्यय पर नहीं कर सकता क्योंकि अगर वह यह करने जाये तो उस बच्चे का साल तो बर्बाद होता ही है बल्कि उस बच्चे पर मानसिक रूप से भी प्रभाव पड़ता है| जिसके परिणामस्वरूप उस बच्चे की बौद्धिक क्षमता में कमी आती है|
यहाँ पर ऐसे अभिभावकों की स्कूल प्रशासन व अन्य अभिभावक कटाक्ष व बेईज्जत करने में नहीं हिचकते, व कहते हैं कि अगर हैसियत नहीं थी तो क्यूँ अपने बच्चे को महँगे स्कूल में भर्ती किया? हम इस मदर टेरेसा के नाम का दुरूपयोग करने वाले इस पैसा कमाऊ शिक्षा संस्थान से यह पूछना चाहते हैं  जो देश में शिक्षा को एक व्यवसाय के रूप में इस्तेमाल करके कमाई की दौड़ में लगा हुआ है| इस देश के कानून को मजाक समझनेवाले ये महानुभाव बच्चों को क्या शिक्षा दे रहे होगें? देश का कानून कैसे तोड़ा जाये क्या यह शिक्षा वे बच्चों को दे रहे हैं? मदर टेरेसा के नाम का दुरूपयोग करने वाले इस संस्थान द्वारा निड़रता और दिलेरी का यह आलम है कि इस संस्थान ने अपनी वेबसाईट पर भी साफ दर्ज किया हुआ है "किसी भी परिस्थिती में अभिभावक अगर शुल्क देने में देरी कर दे तो उसे ५/- प्रति दिन के हिसाब से जुर्माना देना होगा जो १ माह के हिसाब से गुणा-भाग करें तो कम से कम १५% प्रति माह ब्याज की दर का जुर्माना बनता है| जबकि कानुनन किसी भी हालत में किसी भी प्रकार का जुर्माना स्कूल के फंड से या बच्चे/अभिभावक से नहीं लिया जा सकता| अगर जुर्माना लेना है तो प्रबन्धक को खुद की जेब से देना होगा और अगर जुर्माना अभिभावक/बच्चे से लिया गया तो कम से एक वर्ष की सजा निश्चित है|
मदर टेरेसा के नाम का दुरुपयोग करने वाले इस शिक्षा संस्थान से हम यह पूछना चाहते हैं? कि क्या मदर टेरेसा के सिद्धांत यही थे कि देश का कानून कैसे तोड़ों व बच्चों को यह सिखाओ कि देश का कानून कैसे तोड़ा जाता है? हम इस संस्थान के प्रबंधकों से यह कहना चाहते हैं शिक्षा के नाम पर इस लूटा-मारी के खेल को बंद करो| क्या आप उस वक्त का इंतजार कर रहे हो जब शोषित जनता बेकाबू होकर एक ऑधी बन जाए| यह हम सब जानते हैं कि जब ऑधी आती हैं तब जहाँ से गुजरती हैं वहाँ सिर्फ तबाही के निशान छोड़ जाती हैं|
हमारा संगठन चाहता है, कि आप लोग जाग जाओ और संभल जाओ, शिक्षा के नाम पर बच्चों व उनके अभिभावकों का शोषण करना बंद करो, देश के नागरिकों को अन्नाजी ने जगा दिया है अब आप लोगों द्वारा इस प्रकार के कार्य कहीं एक दिन आप लोगों के लिये बड़ी समस्या न खड़ी कर दें| विलंब शुल्क के नाम पर बच्चों से लिए गए जुर्माने की रकम को वापिस करें और बच्चों की शिक्षा के मार्ग में बाधक न बनें| बच्चों के सामने एक उचित संदेश पहुँचाये, जरूरत है आपको जागरूक होने की|
 आज हमारे बच्चों को इन स्कूलों के इस गैरकानूनी आंतक से बचाने की आवश्यकता है, इसके लिए आप लोगों के सहयोग की आवश्यकता है|
इस पोस्ट को अधिक से अधिक फैलाने की कोशिश करें, बच्चों व अभिभावकों को इस बारे में जागरुक करने की कोशिश करें जिससे वे इस प्रकार के स्कूली आंतक से बच सकें|
स्कुल के इन नंबरों पर फोन करके उन्हें बताया जाये कि देश अब जाग चुका हैं, शोषण करना अब बंद करें| Phone : 0755-2879294, 2879295, 2879296, 2879297, 2669396

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